इंसान बड़ा उम्र से नहीं अनुभव से होता है


इंसान अक्सर अपनी उम्र से नहीं अपने अनुभव से बड़ा होता है ∣ जैसे जैसे उसका अनुभव बदलता है ∣ उसके सोचने विचार करने की क्षमता में फर्क दिखाई देता है । 
व्यक्ति कितना बड़ा मायने ये नहीं बल्कि महत्व उसका जिंदगी के प्रति दृष्टि कोण होता है। 
क़ोई जीवन की परेशानी को बोझ समझने लगता है। कोई उसे चुनौती समझ उससे लड़ता है । 
एक समय के बाद पसंद आयी चीजों को वो नजर अंदाज करने की कोशिश करता है । 

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