Skip to main content

इंसान बड़ा उम्र से नहीं अनुभव से होता है


इंसान अक्सर अपनी उम्र से नहीं अपने अनुभव से बड़ा होता है ∣ जैसे जैसे उसका अनुभव बदलता है ∣ उसके सोचने विचार करने की क्षमता में फर्क दिखाई देता है । 
व्यक्ति कितना बड़ा मायने ये नहीं बल्कि महत्व उसका जिंदगी के प्रति दृष्टि कोण होता है। 
क़ोई जीवन की परेशानी को बोझ समझने लगता है। कोई उसे चुनौती समझ उससे लड़ता है । 
एक समय के बाद पसंद आयी चीजों को वो नजर अंदाज करने की कोशिश करता है । 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..