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हम इंसानियत ही भूल जाएं ये तो गलत होगा




युद्ध चाहे जिस वजह से शुरू हुआ
पर उसका अंजाम बुरा ही होगा
मारे जाएगें सिर्फ उसमें इंसान
जहां बेकसूर बच्चों का कत्ल होगा
बेबसी की जब सारी हदें पार हो जाएगी
जब स्त्री के पास सुरक्षित कोई माहौल न होगा
कांच वाले कमरे में बैठकर 
युद्ध की तस्वीर देखने वाले क्या जानें
भूख से बिलखता जब‌ कोई बच्चा
अपनी माँ के पास जाएगा
तब उस माँ का हाल क्या होगा? 
अनेक परेशानी का सामना करने वाले उस स्त्री का तब क्या होगा
जब उसे मूलभूत चीजें भी नसीब न होगी 
सारी सुविधा होने के बाद भी कितना तनाव पूर्ण हो जाता है सामान्य स्त्री के लिए
उस मासिकधर्म का दर्द सहना 
युद्ध की आहट के बीच उन महिलाओं की स्थिति का क्या होगा? 
कितने मारे जा रहे युद्ध में उनका हिसाब
हम चाहे जितना रखा ले
पर उन टूटे सपनों का क्या होगा 
जो इस युद्ध के साथ हर दिन दफन हो रहे हैं ∣
पक्ष विपक्ष की लड़ाई में अगर हम मानवता का मूल धर्म
भूल जाएं
ये तो गलत होगा। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..