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जब मैं ही सबकुछ होने लगता हूँ तब मैं डरता हूं




जब मैं ही सबकुछ होने लगता हूँ तब मैं डरता हूं
जब मैं खुद को ही सबकुछ समझने लगता हूं तब मैं डरता हूं। 

अक्सर आगे बढ़ने का मतलब
जब मैं स्वयं को समझने लगता हूं
उस समय में दिशा हीन होकर चलता हूं
जब हमें लगने लगता है कि 
सिर्फ मैं ही हूं जो सबकुछ जानता हूं
ये दुनिया क्या जानें
मैं ही हूं जो समय को अपने
कब्जे में करे रहता हूं
सिर्फ मैं ही हूं जो सबकुछ कर सकता हूं
मेरे अलावा भला कोई कुछ कर पाता है
मैं ही जब हमको 
इस चीज का गर्व होता है
तब इंसान गिरने लगता है
तब वो गलतियां करने की ओर बढ़ता है
सिर्फ मैं ही हूं
जब इंसान सोच आगे बढ़ता है ∣

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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..