ज्ञानी तो रावण भी था पर उसकी बुद्धिमानी क्या काम आयी फिर ये इंसान क्या चीज है।
कहते हैं व्यक्ति का विनाश उस समय शुरू हो जाता है जब उसकी बुद्धि मारी जाती है ∣ उसके पतन की शुरुआत ही उसके सोचने की क्षमता कम होने से शुरू होती है ∣
जब प्रश्न ये खड़ा होता है कि क्या रावण बुद्धिमान नहीं था ? तब बेशक रामायण के माध्यम से हमें मालूम चलता है कि रावण न सिर्फ धनवान बल्कि ज्ञानवान भी था किन्तु उसके गर्व ने उसे इतना अंधा कर दिया कि उसे सही और गलत में फर्क ही नहीं समझ में आया।
जो उसके पतन का कारण बना।
अफ़सोस आज के समय में इंसान रावण से भी ज्यादा घमंड करने लगा है ∣ जहां वो थोड़ा सा धन और विद्या पाकर खुद को ज्यादा समझने लगा है ∣ जो उसे अंधा बना रहा है ∣
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