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जब बात रावण की हो तब समझना जरूरी हो जाता है



इस दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो सही नीति का प्रयोग कर हर चीज का चयन करते हैं ∣ दूसरे वो लोग होते हैं जो किसी भी तरह से केवल अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं। 
दूसरे तरह के लोग पहले लोगों की तुलना में अक्सर समाज के लिए खतरनाक ही होते हैं ∣ 
कई बार तो वो इस हद तक उसे पाने की कोशिश में लग जाते हैं कि किसी इंसान का अगर इसमें बुरा भी हो रहा होता है तो जैसे उन्हें कोई फर्क ही नही पड़ता है ∣
आज जब हम दशहरे का त्यौहार मनाने जा रहे हैं तब समझना जरूरी हो जाता है कि कहीं हम खुद भी तो रावण बनने की ओर अग्रसर नहीं हो रहे हैं ∣

जहां हमें रावण की तरह खुद की धन सम्पत्ति पर घमंड सा हो गया है ∣ जहां हम ज्ञानी होकर भी गलतियां करना नहीं छोड़ते है ∣ हम धर्म से अधर्म की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं ∣ 

अगर हम ध्यान से देखें तो आजकल एक कथन रावण के लिए बड़ा लोगों के बीच प्रसिद्ध है कि " हजारों रावण एक पुतले को जलाने जा रहे हैं ∣"
जो कहीं न कहीं सत्य ही प्रतीत हो रहा है जहां इंसान में इंसानियत शेष नहीं रह गयी है ∣ हर क़ोई केवल अपना हित देखने में लगा है ∣ जहां उसकी कथनी और करनी में जमीन आसमां का फर्क है ∣
जहां वो वैसे तो खुद को बड़ा गुणवान व्यक्ति बताने की कोशिश करता है ∣ पर जब बात उसकी आ जाती है तब वो बदलने सा लगता है। वो नियमों को बदलने में जी जान लगा देता है ∣
वो एक तरफ बड़ा सदाचारी व्यक्ति दिखाई देता है दूसरी तरफ वो एक क्रूर व्यक्ति बनने की ओर आगे चलता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..