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गांधी का वो विचार जो भी प्रासंगिक है



पूरी दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी के वैसे तो सभी विचार आज के समय प्रासंगिक है। फिर चाहे वो अहिंसा का हो ,आत्मनिर्भर का हो ,स्वदेशी वस्तुओं का हो किन्तु आज हम उनके उस विचार पर बात करेंगें, जिसका अगर हमने पालन कर लिया। तो हम सब का आने वाला कल बेहतर होगा।

''जो बदलाव तुम दुनिया में देखना चाहते हो वो स्वयं में लाओं''


इसे विंडबना कहां जाएं या इंसान की कमजोरी किन्तु जब बात उसकी आती है। तब वो ये इससे बचने की कोशिश करता है। जो कभी किसी जनसंवाद में  कभी संगोष्टी में हर जगह खुद को छिपाते हुए घूमता है। कि कहीं उसकी बात न आ जाएं।
जो एक ऐसी दुनिया चाहता है जहां किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। किन्तु वो खुद में इस तरह के सुधार करने से बचता है ।
आज के समय में जब हर व्यक्ति एक बेहतर कल की खोज में लगा हुआ है। जो एक ऐसी दुनिया को चाहता है  जहां बुराई का कोई नाम न हो। ऐसी दुनिया के लिए पहले उसमें खुद में बदलाव करना होगा।  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..