Skip to main content

बेटी होना क्या आसान है




बेटी होना क्या आसान है
जब घर की सारी जिम्मेदारी हो उसके सिर पर
किन्तु चेहरे पर रखना उसे एक मुस्कान है।
जिसके पैदा होते ही उसका सबसे पहला हक
छिन लिया जाता है
वो है उसके पैदा होने की खुशी ,
जिसे त्याग की मूर्ति बनाने की
 कोशिश हर बार की जाती है।
अफसोस जब वो सोच ले थोड़ा अपने बारे में
तब उसे बिना देर करें
मतलबी की संज्ञा दे दी जाती है।
घर का हिस्सा नहीं मांगती है वो
वो तो केवल उसके आने पर 
थोड़ी सी मुस्कान चाहती है।
क्या बेटी होना आसान है
जहां अपना बाद में सबका
पहले सोचना होता है
घर की चार दीवारी ही रहता जैसे
उसका संसार है।
जो ब्याही जाती 
पिता की शान से
सम्पत्ति और मान से
घर बार से
केवल नहीं ब्याही जाती है
वो अपने सपनों की पतवार से।
जिसके लिए समाज अक्सर चुप ही रहता है
बेटी है हद में रहे
जैसे वो उसको हर बार सिखाया जाता है।


Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..