Skip to main content

जानें, क्या है जी 20 सूमह




आज जब भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है। जो राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर ये जी 20 समूह है क्या?

वैश्विक स्तर प्रभुत्व रखने वाले देश है 'जी 20' के सदस्य 


 जी 20 अपने नाम से ही स्पष्ट है ये 20 देशों का एक समूह है । इसमें वो देश शामिल है जिनकी जीडीपी 85 प्रतिशत से अधिक, जबकि दो तिहाई जनसंख्या है ∣ 
इस समूह का गठन 1999 में किया गया था। इसमें जी 7 सदस्य देश अमेरिका, यूके, जापान, और जर्मनी, इटली,फ्रांस, कनाड़ा के 
अलावा भारत,रूस,चीन,अर्जेटीना,ऑस्टेलिया,सउदी अरब,मैक्सिको, साउथ कोरिया,दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, इंडोनेशिया, ब्राजील और यूरोपियन यूनियन संघ शामिल है।

 जी 2० का उद्देश्य

इसका प्रमुख उदेश्य आर्थिक समस्यों से निपटना है। इसमें व्यापार, रोजगार, उघोग, कृषि, जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल हैं। 

पहले वितमंत्री करते थे इसमें बैठके 

बता दें कि पहले इसमें केवल जी 20 के सदस्य देशों के वित्तमंत्री ही भाग लेते थे। किन्तु 2008 की मंदी के बाद इसके विस्तार पर जोर दिया गया है ∣ इसके चलते बैठकों में देश के राष्ट्र अध्यक्ष भी भाग लेने लगे है ∣  2008 में अमेरिका ने इसकी अध्यक्षता की थी।

क्या है ट्रोइका 

आपको बता दें कि ट्रोइका जी 20 सदस्य देशों में तीन देशों का एक समूह होता है। इसमें जी 20 की अध्यक्षता करने वाला देश पिछले और अगले वर्ष अध्यक्षता करने वाले देश के साथ मिलकर कार्य करते है।


 अतिथि देश  

इसमें जी 20 की अध्यक्षता कर रहा देश अतिथि के तौर पर सदस्य देशों के अलावा अन्य देशों को भी बुलाते है जिन्हें अतिथि सदस्य देश कहा जाता है। 

भारत ने इस बार अतिथि देशों के रूप में स्पेन ,नाइजीरिया ,बांग्लादेश ,ओमन को बुलाया है।
इसके अलावा भारत ने कुछ अंतराष्ट्रीय सहयोगी संगठन को भी आमंत्रित किया है जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ,अंतराष्ट्रीय मौद्रिक संगठन जैसे कुछ अन्य संगठन शामिल है।


आर्थिक मुद्दे के अलावा अन्य किन मुद्दों पर होती है चर्चा

आपको बता दें कि इसमें आर्थिक विषयों के अलावा जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण से सम्बन्धित विषयों पर भी बातचीत होती है।

भारत ने इस बार जी 20 की थीम ' वसुधैव कुटुम्बकम्' वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर रखी है इसके अलावा डिजिटल अर्थव्यस्था, वमुन डेवलपमेंट अन्य विषयों को भारत ने शामिल किया है।

2 समिट के अलावा अन्य भी होती है समिटें

बता दें कि जी 20 की मुख्य समिट
9 ,10 सितम्बर को होने वाली है जिस जिसमें वैश्विक नेता उपस्थित रहने वाले है।
इसके अलावा 24 अगस्त से जी 20 के तहत महत्वपूर्ण क्षेत्र में समिट की गयी थी । जिनमें मिस्टिर लेवल की समिट, कल्चर लेवल की समिट, बिजनेस समिट , यूथ समिट, एनर्जी समिट जैसी मुख्य समिट शामिल है।

क्या है  शेरअपा  मीटिंग

आपको बता दें कि इसके तहत हर एक सदस्य देश अपनी बात रखता है। अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है ∣

 क्या है  जी 7 

विकसित देशों का एक संगठन है इसमें आर्थिक रूप से मजबूत देश शामिल है। इससे बनाने का उदेश्य आर्थिक समस्याओं से निपटने के लिए एक मजबूत गठजोड़ करना है ∣ अमेरिका, यूके ,जापान, जर्मनी, इटली,फ्रांस, कनाड़ा के इसके सदस्य है ∣




Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..