महिला के हक की बात करता है ये 'WOMEN EQUALITY DAY'



'' औरत पैदा नहीं होती बनाई जाती है।''

एक लड़की को बचपन से ही एक औरत बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है  जिसमें उसे किस तरह से चलना है किस तरह से बैठना है। कहां पर हंसना है कहां कम बोलना है । 
पर अफसोस उसे सबसे जरूरी चीज अधिकारों के बारे में नहीं बताया जाता है । जहां उसके सशक्तिकरण से जैसे किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।
उसे केवल हाउसवाइफ के कैरेक्टर में फिट करने की कोशिश की जाती है। ये वहीं हाउसवाइफ है जिसके बारे में बताते हुए अक्सर सबकी गर्दन झुक सी जाती है। वो घर पर रहती है। वो काम ही क्या करती है इस तरह उसकी तारीफ की जाती  है।
 गलती से अगर वो घर और बाहर दोनों का काम करने की चुनौती लेती है तो जैसे सारी कोशिश उसे घर पर बैठाने की आ जाती है। 
ऐसे समय में WOMEN EQUALITY DAY'  पर बात करना जरूरी हो जाता है। जो महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की बात करता है। 
इसके चलते हर साल 26 जुलाई को 'WOMEN EQUALLY DAY' मनाया जाता है । अगर हम इसके इतिहास पर गौर करे, तो 1920 अमेरिकी महिलाओं  ने वोट जैसे अधिकार को पाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। इसके चलते अमेरिकी संविधान 1878 में 19 वे संशोधन के जरिए महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला था। तब से हर साल पूरे विश्व में ये दिवस मनाया जाता है।

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