चांद पर वैसे तो बहुत सी फिल्म बनी हैं पर जब हम बात एक ऐसी फिल्म की करते हैं जो इंसान को दोस्ती और प्यार में से किसी एक का चयन करने को मजबूर कर देती है ∣
तब हमें 'चौदहवीं का चांद' मूवी नजर सी आती है ∣ जो मोहब्बत के सच्चे मायने को बताती है ∣ दोस्ती क्या चीज है ये हमें समझाती है ∣
जहां आज के समय में लोग अपने दोस्त की एक छोटी सी सफलता नहीं देख पाते हैं ∣
ऐसे समय में जब कोई दोस्त अपने ही मित्र की प्रेमिका से शादी कर ले , तब उन दोनों के जीवन में किस तरह के तूफान से आते हैं इसका मंजर हम इस मूवी में देख पाते हैं ∣
जब बात मोहब्बत और दोस्ती में से किसी एक को चुनने की आ जाएं तब हमें किसका चयन करना चाहिए ∣
जो लोग कह देते हैं मोहब्बत और जंग में सबकुछ जायज है उन्हें हम एक बात याद दिलाते हैं ∣ जंग में इंसान को किसी भी हाल में जीतना होता है ∣
जबकि मोहब्बत में कोई जीत हार नहीं बल्कि ये दो अजनबियों के दिल का मिलन होता है ∣ जहां अक्सर जरूरी नहीं होता सबकुछ मिल जाएं। जहां कहानी त्याग से शुरू उसी पर खत्म हो जाती है ∣
इस दुनिया में मोहब्बत करते तो सब है पर इसे निभा कुछ ही पाते हैं ∣

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