आदिवासियों के हितों की बात करता है 'वर्ल्ड ट्राइबल डे'


जल‌,जंगल और जमीन के सच्चे रखवाले‌ वो 'आदिवासी' होते हैं ∣ जो अपनी जान की परवाह करें बगैर प्रकृति संसाधनों को बचाने की कोशिश करते हैं ∣ 

पर अफसोस जब बात उनके
 अधिकारों की आती हैं ∣ तब विकास के नाम पर उनके अधिकारों  छिन लिये जातें है ∣ आज भी गांव में उन्हें जाति प्रथा के नाम पर सबसे नीचे रख दिया जाता है ∣ 
आदिवासी जो आज भी उतने पीछे है जितना की पहले थे। 
आदिवासी समाज का वो तबका जो विकास की प्रगति में कहीं पीछे छूट गए हैं ∣ उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए ये 'वर्ल्ड ट्राइबल डे' दिवस मनाया जाता है ∣ इसका उद्देश्य आदिवासियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है ∣ 

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