Skip to main content

वो राखी

दुनिया की सारी खुशी एक जगह ओर भाई बहन के रक्षाबंधन पर मिलने की खुशी एक तरफ ही होती है। आखिर हो भी क्यों न, ये रक्षाबंधन का त्यौहार ही तो होता है। जब भाई- बहन एक दूसरों की अहमियत को समझते है। जहां बहन अपने भाई की सलामती की दुआ करती है,वहीं भाई बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है।  

पर अफसोस आज भी कितने ऐसे भाई- बहन है जिनके लिए ये राखी सूनी सी है। 
हर बहन की तरह उषा भी रक्षाबंधन के दिन अपने भाई का बेसब्री से इंतजार किया करती थी। शायद ही ऐसी कोई राखी गई होगी। जब उषा ने अपने भाई को राखी न बांधी हो।
पर एक दुर्घटना ने जैसे उषा की पूरी जिंदगी बदल दी। दरअसल कोरोना काल से पहले उसके भाई की एक हादसे के दौरान सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गयी। वो दिन था और आज का दिन है जब राखी तो हर साल आती है। पर उषा के लिए राखी का अब कोई खास मतलब नहीं बचा है। अब उषा का वो भाई उससे कहीं दूर जा चुका है।
वो राखी अब सिर्फ एक धागा नहीं उषा के लिए एक यादगार लम्हा बन चुका है ∣ जिनकी यादें के सहारे उषा को अपनी आगे की जिंदगी को जीना होगा। 


Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..