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अपनी उस मानसिकता से आजाद होना अभी बाकी है



जहां आज भी रंग के नाम पर भेद किया जाता हैं
बेटा हुआ तो घर का चिराग आया है
बेटी हुई है तो घर में लक्ष्मी आयी है 
ये कहकर उसे बोझ साबित किया करते हैं ∣
जहां एक लड़की की खूबसूरती ही 
उसका सबकुछ हो जाती है
कितनी की है उसने पढ़ाई 
क्या रखती है वो ख्वाहिशें
इससे जैसे किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता है ∣
 क्यों आज भी लड़की हुयी अगर काली 
तो उसका तिरस्कार किया करते है ∣
माँ हाउसवाइफ है ये कहकर जो अपनी आवाज धीमी किया करते हैं
 जरा पूछो उनसे उस माँ को कब वो अहमियत दिया करते हैं 
जिनके कारण वो सुकून से  अपना काम किया करते हैं ∣
लड़का कमां के आए तो बड़ा गर्व
बहु कमाई पायी है क्यों इस पर तंज कसते है ∣
क्यों लड़की को सहनशीलता की मूर्ति बनाने में कोई कसर नही छोड़ते है ∣
जब बात लड़के की आएं तो उसे गुस्से वाला कहकर उसकी गलतियां नजर अंदाज किया करते हैं ∣
क्यों आज भी लड़की के कपड़ो की लंबाई देख
उसके चरित्र को हम तय किया करते हैं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..