इस दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। एक वो जो अपने काम के लिए खुद पर निर्भर होते हैं ∣ जिन्हें कहीं भी समय पर जाने के लिए किसी तरह की घड़ी का प्रयोग नहीं करना होता है ∣
दूसरी तरफ वे लोग होते हैं ∣ जो हर चीज के लिए अलार्म घड़ी पर निर्भर होते हैं ∣ जिनकी सुबह की नींद उस घड़ी के बजने के बाद ही शुरू होती है ∣ ऐसा नहीं दूसरे तरह के लोगों को अपने काम की फ्रिक नहीं होती है किन्तु वो अलार्म घड़ी से ज्यादा खुद पर विश्वास नहीं कर पाते हैं कि व़ो समय पर उठ जाएगें।
आज के समय में ये हमें निश्चित करना है कि हम अलार्म घड़ी पर ज्यादा निर्भर होते हैं या अपने चिंतन पर जो हमें समय पर उठने को जोर देती है ∣
Comments