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आज के समय में बागवान


जिस तरह एक माली अपने बगीचे के हर फूल को अपना मानता है उसे हर तूफान से बचाता है ∣ समय समय पर उसे पानी देता है ∣ उसका ख्याल रखता है ∣ उसके लिए उसकी दुनिया उसका बगीचा होता है ∣
ठीक उसी तरह हमारे माँ बाप होते हैं जो हर तरह की परेशानी से दूर रख अपने बच्चों को एक बेहतर जीवन देते हैं ∣ उनकी खुशी के लिए हर तरह की परेशानी सह लेते हैं ∣ पर अफ़सोस जब वहीं पेड़ बड़ा होता है तब उसे अपने अहम के अलावा कुछ और नहीं दिखाई देता है ∣ वो अपने माँ बाप को सबसे कम महत्व देने लगता है। 
एक बच्चा जब Nope दुनिया में आता है ∣ तब वो केवल अपने मां बाप के स्पर्श को ही समझता है। 
पर जैसे जैसे वो बड़ा होता है ∣ वैसे माँ बाप का पूरा ध्यान उनकी जरूरत को पूरा करने में लग जाता है ∣
अपने बच्चों के नाम अपनी सारी सम्पत्ति कर चूके माँ बाप केवल दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हो जाते हैं ∣ 
केवल उनके पास शेष बचती है बेबसी जिसके साथ वो जीते हैं ∣
आज के समय हमारे आस पास हर दूसरे घर में बागवान की कहानी मौजूद है। फर्क महज इतना है कि उसे कहीं बयां नहीं कर जा रहा है  । 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..