Skip to main content

महज कुछ अपवादों को देखकर परिणाम नहीं निकाला जाना चाहिए


अच्छी आदतों को बनाना जितना मुश्किल होता है ठीक उसके विपरीत खराब आदतों का बनाना आसान होता है । 
सकारात्मक चीजों पर लोगों का ध्यान भले ही कम जाएं पर वो नकारात्मक चीजों से बहुत जल्दी सीख लेने लगते हैं। 
जब बात समाज के उस तबके की हो जिससे लगातार उसके अधिकार छिन लिए जा रहे हो। तब इसका असर और ज्यादा पड़ता दिखाई देता है। जहां उसे कुछ अपवादों के बल पर कमजोर करने की क़ोशिश की जाती है। 
ऐसा करते वक्त हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि महज कुछ अपवाद‌ हर किसी की सच्चाई नहीं बताते हैं। ये हम पर निर्भर करता है कि हम उसे किस तरह से लेते हैं। 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..