आज से ही नहीं बहुत पहले से ही लोग की रूचि चांद को देखने की रही है ∣ इसको लिए कभी सोवियत संघ, कभी सयुंक्त राज्य अमेरिका ने अपना अंतरिक्ष मिशन भी लांच किया है ∣
वहीं भारत ने 2009 में चंद्रयान1 सफलता पूर्वक लांच किया।इसके साथ ही चांद पर पानी होने का भी दावा किया। बाद में इसका समर्थन अमेरिका ने भी किया।
उसके बाद से ही समृद्ध देशों के द्वारा चांद पर जीवन खोजने की कोशिश तेज कर दी गयी है ∣
इस कड़ी में भारत ने 2019 में चंद्रयान मिशन 2 लांच किया था जिसमें कुछ तकनीक खरीबी के चलते वो मिशन असफल हो गया।
आज एक बार फिर भारत ने अपने वैज्ञानिक के बदौलत चंद्रयान मिशन 3 लांच किया है ∣
इस मिशन का मूल उद्देश्य चांद के चुनौतीपूर्ण हिस्से लुनर साउथ पोल पर ये खोजना है कि इसमें पानी, खनिज आदि मिल सकता है कि नहीं।
दर असल चंद्रयान 3 मिशन में एक छोटा से रोवर ( रोबोट) की पोजिशनिंग चांद के चुनौती पूर्ण हिस्से लुनर साउथ पोल में की गयी है ∣ जो कि ये पता करेगा कि इस हिस्से में पानी, खनिज आदि मिलने की सम्भावना है कि नहीं।
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