धरती से देखों तो आसमान अच्छा लगता है,
आसमान से देखों तो धरती अच्छी लगती है अपने से बाहर सबकुछ अच्छा लगता है।
आज भी जब हम किसी दूसरे इंसान को देखते हैं तो हमें लगता है कि उसकी हेल्थ हाइट कितनी अच्छी है ∣ क्या तो उसकी बाॅडी है ∣ अक्सर ऐसा करते वक्त हम खुद को भूल जाते हैं ∣ कि हम भी कुछ है हमारा भी कुछ अस्तित्व है ∣
जब International No Diet Day की बात करते हैं तो पाते हैं कि जैसे है हमें खुद को स्वीकार करना चाहिए। फिर क्या हुआ हम थोड़े ज्यादा मोटे या बहुत ज्यादा ही पतले है ∣ जैसे है हम है ∣ ये बात हमें ध्यान रखना चाहिए।
आज वर्तमान समय में हर कोई एक अच्छी पर्सनेलिटी चाहता है जिसमें कोई भी बुराई नहीं है किन्तु इसके चलते खुद को हर समय बुरा महसूस करना खुद के साथ न्याय कर रहा होता है। क्यों, थोड़ा ज्यादा मोटे ,थोड़े पतले के लिए किसी तरह का खुद खेद मनाएं। जैसे है खुद को स्वीकार करें।

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