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न कम न ज्यादा की सीख दे जाता है International No Diet Day


धरती से देखों तो आसमान अच्छा लगता है, 
आसमान से देखों तो धरती अच्छी लगती है अपने से बाहर सबकुछ अच्छा लगता है। 
आज भी जब हम किसी दूसरे इंसान को देखते हैं तो हमें लगता है कि उसकी हेल्थ हाइट कितनी अच्छी है ∣ क्या तो उसकी बाॅडी है ∣ अक्सर ऐसा करते वक्त हम खुद को भूल जाते हैं ∣ कि हम भी कुछ है हमारा भी कुछ अस्तित्व है ∣ 
जब‌ International No Diet Day की बात करते हैं तो पाते हैं कि जैसे है हमें खुद को स्वीकार करना चाहिए। फिर क्या हुआ हम थोड़े ज्यादा मोटे या बहुत ज्यादा ही पतले है ∣ जैसे है हम है ∣ ये बात हमें ध्यान रखना चाहिए। 
 आज वर्तमान समय में हर कोई एक अच्छी पर्सनेलिटी चाहता है जिसमें कोई भी बुराई नहीं है किन्तु इसके चलते खुद को हर समय बुरा महसूस करना खुद के साथ न्याय कर रहा होता है। क्यों, थोड़ा ज्यादा मोटे ,थोड़े पतले के लिए किसी तरह का खुद खेद मनाएं। जैसे है खुद को स्वीकार करें। 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..