हर ऊपर उठने वाली आंखें नीची झुकी रहे


क्यूं इतने चांद से चेहरे को खराब करने में तुली है
ये लड़कियों का खेल नहीं है ∣
मुझें इसे चांद नहीं बल्कि सूरज बनाना है ताकी उसके ऊपर उठती हर आंख सदा नीची झुकी रहे।
ये लाईनें हम सब ने न जानें कितनी बार अपने फोन और टीवी में सुनी होगी। जो अपने द्वारा हमारे समाज को एक गहरा संदेश दे जाती है कि लड़कियों को चांद नहीं बल्कि सूरज बनना होगा। उनको आज
नाजुक बनकर नहीं खुद को मजबूत करना होगा। 
आज के समय में इसके मायने ओर ज्यादा बढ़ गए। जब घर से लेकर बाहर तक वो कहीं  सुरक्षित नहीं है। 

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