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हर ऊपर उठने वाली आंखें नीची झुकी रहे


क्यूं इतने चांद से चेहरे को खराब करने में तुली है
ये लड़कियों का खेल नहीं है ∣
मुझें इसे चांद नहीं बल्कि सूरज बनाना है ताकी उसके ऊपर उठती हर आंख सदा नीची झुकी रहे।
ये लाईनें हम सब ने न जानें कितनी बार अपने फोन और टीवी में सुनी होगी। जो अपने द्वारा हमारे समाज को एक गहरा संदेश दे जाती है कि लड़कियों को चांद नहीं बल्कि सूरज बनना होगा। उनको आज
नाजुक बनकर नहीं खुद को मजबूत करना होगा। 
आज के समय में इसके मायने ओर ज्यादा बढ़ गए। जब घर से लेकर बाहर तक वो कहीं  सुरक्षित नहीं है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..