वो इंसान सच में समझदार हो जाता है। जो शांत रहना सीख जाता है। अपनी ऊर्जा का प्रयोग सही जगह पर करता है। वो चुप रहकर सबकी बातों को सुनता तो है किन्तु अपनी तरफ से कोई बात ऐसी नहीं कहता है जिससे की अशांति का माहौल बन जाएं।
आज जब इंसान हर जगह खुद को सही साबित करने के चक्कर में अक्सर गलतियां कर बैठता है। वो चाहता तो सही करने की है किन्तु इसके कारणवश वो अक्सर अपने लिए मुश्किल हालात पैदा कर लेता है।
ऐसे में आज के समय में उस इंसान के मायने बहुत ज्यादा बढ़ गए है। जो ये जानता है कि उसे कहां पर चुप रहना है और कहां पर अपनी बात कहनी है। इससे न सिर्फ वो स्वयं के लिए सकरात्मक वातावरण बनता है बल्कि वो अपने आस पास के लोगों को भी हर तरह की परेशानी से बचता है।
ऐसे में आज के समय में उस इंसान के मायने बहुत ज्यादा बढ़ गए है। जो ये जानता है कि उसे कहां पर चुप रहना है और कहां पर अपनी बात कहनी है। इससे न सिर्फ वो स्वयं के लिए सकरात्मक वातावरण बनता है बल्कि वो अपने आस पास के लोगों को भी हर तरह की परेशानी से बचता है।
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