जीवन की विविधता इनके बिना सूनी है

 
जीवन की विविधता इनके बिना सूनी है
चाहे कितना भी हो अपना कहने वाले
किन्तु बिना अपनों के ये जीवन बहुत खाली है। 
बिना यारों के
जैसे जीवन की हर महफ़िल अधूरी है ∣
कितनी भी खूबसूरत हो जिंदगी
पर बिना जुनून के
ये एक बेस्वाद सी थाली है ∣
महंगे तोहफों की आदत के बीच
अपनों के तोहफे के लिए
तो ये पूरा मन और हदय खाली हैं। 
 चाहे कितनी पढ़ी किताब हो 
पर जीवन के अनुभव के 
ये सारी बिना बेरंग सी स्याही हैं। 

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