जीवन के आदि और अंत के बीच


जीवन में जब बात किसी चीज की शुरुआत की आती है तब हम में से ज्यादातर का मन व्याकुल सा हो जाता है । तब नयी चीजों की ओर बढ़ने वाला हर एक कदम थोड़ा सहम सा जाता है। उसके बावजूद जब वो आगे चलता जाता है। 
आंखों में सपने और मन में जुनून लिए लाख परेशानी के बीच वो मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता है। 

इसी बीच उसका परिचय अनेक नए चेहरों से होता है। उनमें से कुछ चेहरों का आगे चलकर उसके जीवन में बड़ा प्रभाव होता है। जो भले प्रत्यक्ष रूप से दूर हो जाएं किन्तु आजीवन उसके विचारों और सोचने के तरीके में प्रभाव छोड़ जाते हैं। 
इसी बीच फिर उनसे विदा लेने का वक्त सा आ जाता है। इस बीच कुछ सवाल मन में होते हैं कुछ के उत्तर की तलाश में ये मन हवा के साथ कहीं दूर निकल जाता है। 
आसान नहीं होता है जीवन में सबकुछ पाना, आरंभ से किसी प्रक्रिया के गुजरते हुए उसके अंत की ओर बढ़ना किन्तु
 बहुत कुछ पीछे छोड़ आगे निकल जाना होता है। 


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