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जीवन के आदि और अंत के बीच


जीवन में जब बात किसी चीज की शुरुआत की आती है तब हम में से ज्यादातर का मन व्याकुल सा हो जाता है । तब नयी चीजों की ओर बढ़ने वाला हर एक कदम थोड़ा सहम सा जाता है। उसके बावजूद जब वो आगे चलता जाता है। 
आंखों में सपने और मन में जुनून लिए लाख परेशानी के बीच वो मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता है। 

इसी बीच उसका परिचय अनेक नए चेहरों से होता है। उनमें से कुछ चेहरों का आगे चलकर उसके जीवन में बड़ा प्रभाव होता है। जो भले प्रत्यक्ष रूप से दूर हो जाएं किन्तु आजीवन उसके विचारों और सोचने के तरीके में प्रभाव छोड़ जाते हैं। 
इसी बीच फिर उनसे विदा लेने का वक्त सा आ जाता है। इस बीच कुछ सवाल मन में होते हैं कुछ के उत्तर की तलाश में ये मन हवा के साथ कहीं दूर निकल जाता है। 
आसान नहीं होता है जीवन में सबकुछ पाना, आरंभ से किसी प्रक्रिया के गुजरते हुए उसके अंत की ओर बढ़ना किन्तु
 बहुत कुछ पीछे छोड़ आगे निकल जाना होता है। 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..