जब बात बेशकीमती चीजों के संरक्षण की आती है । उनके सुव्यवस्थितकरण की आती है। ऐसे में हमारे सामने जिसका चेहरा उभरता है वो म्यूजियम है। जहां पर इंसान हर उस नायाब वस्तु को देखता है जो कि एक लंबे अरसे की मेहनत के बाद तराशी गयी हो। इन सब चीजों को देखकर इंसान जीवन में कुछ बेहतर करने की प्रेरणा सा पाता है।
जहां पर वो अपनी धुंधली होती स्मृति पर प्रकाश डालता है। जो उसे कुछ पल के लिए जीवन के तनाव से दूर कहीं और ले जाता है ।

Comments