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अफवाह वो अंधी जो न जानें कितने लोगों को दफन कर लेती है



आज के समय में जब बात अफवाह की आती है। तब हम इसका प्रसार होते हुए सोशल मीडिया पर देखते है।  जहां लोग बिना उसकी सत्यता जाने उसे एक से दूसरे को भेजते चले जाते है। बिना ये सोचे कि उसका परिणाम लोगों पर क्या पड़ सकता है। 
अभी हाल ही में इसको लेकर एक फिल्म
आयी है जो इसके बारे में शानदार तरीके से अपनी बात रखती है ∣ हमें बताती है कि इस अफवाह का शिकार कोई भी हो सकता है ∣
इसके चलते हम देश की शांति को बिगड़ते देखते है। अफसोह लोग बिना सोचो समझे न जाने कितनों को भला बुरा कहने लगते है। वो भीड़ के साथ उसका विरोध करने लगते है।
एक समय के बाद वो आंधी सी बन जाती है। जो अपने साथ न जानें कितने लोगों को उसकी आग में दफन कर ले जाती है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..