नृत्य एक ऐसी विधा जिसके जरिये किसी कहानी को कहा जाता है । जब हम इसकी उत्पत्ति को देखते तो पाते हैं कि भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में इसका उल्लेख मिलता है । नाट्यशास्त्र एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें गीत,नृत्य के साथ अभिनय किस तरह से किया जाएं। इसके नियम कायदे बताएं गये है । 


 जैसा की हम जानते हैं कि  नृत्य एक ऐसी विधा है जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करती ही है । साथ ही उसे तनाव मुक्त भी बनाती है 

नृत्य के जरिए व्यक्ति अपनी कहानी को लोगों के बीच प्रस्तुत कर पाता है जो बात वो बात वो सामान्य तौर पर नहीं कह पाता है वो नृत्य के जरिये कह देता है। 

भारत में आज भी शास्त्रीय नृत्य का बड़ा बोला बाल है । भारत के कुल 6 मुख्य नृत्य है । तमिलनाडु से भरतनाट्यम्, केरल से कथकली, मोहिनीअट्टम, मणिपुर से मणिपुरी, उत्तर प्रदेश से कथक इसके अलावा आंधप्रदेश‌ से 



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