समय सबसे बड़ा गवाह होता है। जो किसी के कहने न कहने पर निर्भर नहीं करता है। वो अपने मुताबिक चलता है। अक्सर हमें लगता है कि इस दुनिया में केवल हम ही मेहनत कर रहे है। बाकी सब की जिंदगी तो बिना किसी संघर्ष के ही चल रही होती है,किन्तु जब हम ही उस स्थान पर खड़े होते है। तब हमें अपना दुख ज्यादा दूसरों का दुख कम लगने लगता है ऐसे समय में अक्सर हम तब गलती कर बैठते है। जब हम अपनी तुलना दूसरों से करने लगते है।
हर इंसान जीवन में अच्छे बुरे अनुभव को जीता है। किसी के जीवन में आज सुख तो कल दुख होता है फर्क महज इतना सा होता है।
दूर से देखने पर इंसान को हर व्यक्ति की जिंदगी खास लगती है किन्तु जो उसे जीता है वहीं उसे जान रहा होता है।
दूर से देखने पर इंसान को हर व्यक्ति की जिंदगी खास लगती है किन्तु जो उसे जीता है वहीं उसे जान रहा होता है।
अक्सर बहुत पास लगने वाली चीजें हम से बहुत दूर चली जाती है। गुलाब की खूबसूरती देखने वाले लोग कहां कांटों की चुभन देख पाते है ।
अफसोस जब हम उस स्थान पर आ खड़े होते है तब हमें अपना दुख ही सिर्फ दुख लगता है।
बहुत आसान होता है दूसरे से अपनी तुलना करना जब हमने उसकी जिंदगी के कुछ ही पन्ने पलटे हो।
इसके बावजूद वो लोग जो अपनी तुलना केवल खुद के सामर्थ्य से करते है वो किसी को देखा सिखी नहीं अपने जुनून से चलते है।

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