वो दो वक्त की रोटी को मोहताज होने वाले ही जानते है। भूख असल में क्या चीज है। जो केवल रोटी के होने से मतलब रखते है। फिर वो ताजी हो या बासी जैसे उनको कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।
ऐसे ही लोग चीजों की अहमियत समझ पाते है जिन्हें कोई भी चीज आसानी से नहीं बल्कि मेहनत करने के बाद मिलती है।
जीवन में अक्सर कामयाबी भी उनको ही मिलती है जिन लोगों के पास उसे पाने की भूख होती है। जो नहीं देखते है धूप और छांव जो तो केवल चलते जाते है।
ऐसे ही लोग चीजों की अहमियत समझ पाते है जिन्हें कोई भी चीज आसानी से नहीं बल्कि मेहनत करने के बाद मिलती है।
जीवन में अक्सर कामयाबी भी उनको ही मिलती है जिन लोगों के पास उसे पाने की भूख होती है। जो नहीं देखते है धूप और छांव जो तो केवल चलते जाते है।
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