Skip to main content

ईदगाह की कहानी के आज के समय में मायने


आज हम सब उस उपभोक्तावादी युग में जी रहे है ∣ जहां पर हर चीज दिखावे के चलन में है ∣ जो व्यक्ति का स्टेटस दिखाती है ∣
 जहां पर लोगों को अपने अलावा किसी की नहीं पड़ी है ∣ जहां पर लोगों अपनी सभी इच्छा की पूर्ति करना चाह रहे है ∣ ऐसे में जरूरी है कि हम अपने उन मानवीय मूल को समझे। 
वैसे तो हर एक रचना महान अपने आप में श्रेष्ठ होती है ∣ इसके बावजूद कुछ रचनाएं‌ ऐसी होती है जो हमेशा सरहानीय होती है ∣ उनमें से ही एक है‌ प्रेमचंद के द्वारा लिखित 'ईदगाह'। 
जो अपनी कहानी के जरिए एक गहरा संदेश दे जाती है ∣ जहां पर हामिद नाम का लड़का अपने खर्च के पैसे से अपनी दादी के लिए चिमटा ले आता है । जहां बाकी लोग मेले में घूम फिर रहे होते हैं ∣ वहीं हामिद अपनी दादी की जरूरत की चीज खोज रह होता है जो उसकी दादी की मदद कर सके।इस कहानी का अंत बड़े ही मर्मिक रूप में होता है ∣ 
जो हमें एक बहुत बड़ा संदेश देता है∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..