ईदगाह की कहानी के आज के समय में मायने


आज हम सब उस उपभोक्तावादी युग में जी रहे है ∣ जहां पर हर चीज दिखावे के चलन में है ∣ जो व्यक्ति का स्टेटस दिखाती है ∣
 जहां पर लोगों को अपने अलावा किसी की नहीं पड़ी है ∣ जहां पर लोगों अपनी सभी इच्छा की पूर्ति करना चाह रहे है ∣ ऐसे में जरूरी है कि हम अपने उन मानवीय मूल को समझे। 
वैसे तो हर एक रचना महान अपने आप में श्रेष्ठ होती है ∣ इसके बावजूद कुछ रचनाएं‌ ऐसी होती है जो हमेशा सरहानीय होती है ∣ उनमें से ही एक है‌ प्रेमचंद के द्वारा लिखित 'ईदगाह'। 
जो अपनी कहानी के जरिए एक गहरा संदेश दे जाती है ∣ जहां पर हामिद नाम का लड़का अपने खर्च के पैसे से अपनी दादी के लिए चिमटा ले आता है । जहां बाकी लोग मेले में घूम फिर रहे होते हैं ∣ वहीं हामिद अपनी दादी की जरूरत की चीज खोज रह होता है जो उसकी दादी की मदद कर सके।इस कहानी का अंत बड़े ही मर्मिक रूप में होता है ∣ 
जो हमें एक बहुत बड़ा संदेश देता है∣

Comments