जल की रानी है


मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है ∣ हाथ लगाओ तो डर जाएगी, बाहर निकालो तो मर जाएगी। "
आज ये कविता मछली की तरह ही हम सभी पर लागू होती है जन्म लेने से लेकर इंसान के मरने तक उसके सभी काम पानी पर ही निर्भर होते हैं ∣ बिना जल के उसके जीवन का कोई भी काम नहीं हो सकता है। सभी कामों के लिए उसे पानी की जरूरत होती है ∣
बात चाहें फिर कोई भी काम की क्यों न हो। जिस तरह इंसान को सांस लेने के लिए आक्सीजन की जरूरत होती है। ठीक उसी तरह इंसान को जल की आवश्यकता होती है ∣
जब गर्मी का मौसम आता है ∣ तब हमें इस जल की अहमियत और ज्यादा समझ में आने लगती है ∣ जहां हमारी जल की जरूरत तो बढ़ती है ∣ 
तब हमें नहाने से लेकर कपड़े धोने तक सभी ये ध्यान रखना पड़ता है कि पानी का प्रयोग सीमित हो। बेवजह की पानी की बर्बादी न हो। 
ऐसे वक्त में हम पानी को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक होते हैं ∣ गलती से भी उस दिन घर में पानी की खपत कम हो जाएं। तो ऐसा महसूस करते हैं जैसे की हमने आज बहुत बड़ी जंग जीत ली है ∣
आज वक्त आ गया है एक बार फिर पानी के संरक्षण का। 
जल है तो जीवन है
उसके बिना हमारा जीवन 
नहीं सम्भव है ∣

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