Skip to main content

इंसान का मूल्यांकन अक्सर उसकी परिस्थितियों से होता है

आज के समय में जब लोग छोटी छोटी बातों को आधार बनाकर व्यक्ति का मूल्यांकन करने लगते हैं ∣ ऐसे में ये जानना आवश्यक हो जाता है। वो‌ क्या आधार है? जिसको महत्वपूर्ण मानकर व्यक्ति का मूल्यांकन किया जाएऺ। 
तब हम पाते हैं कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन करने के लिए उसके सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक परिवेश को देखना जरूरी होता है ∣ इसका व्यक्ति पर बहुत ज्यादा असर होता है ∣ व्यक्ति आज जैसा भी है इसमें काफी हद तक उसके  वातावरण का प्रभाव रहता है ∣ 
 हर व्यक्ति एक खास तरह की परिस्थितियों को लेकर जन्म लेता है ∣ इसका प्रभाव उसके सोचने से लेकर निर्णय लेने की क्षमता पर होता है ∣ इन सभी चीजों को जानने के बाद व्यक्ति का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..