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समय के साथ अक्सर हमारी पसंद बदल जाया करती है



ये पसंद भी बड़ी अजीब चीज है ∣ जो हमारे जीवन के अनुभवों और परिपक्वता के मुताबिक बदल जाया करती है ∣ हमेशा पसंद आने वाली चीज हमें नापसंद सी लगने लगती है ∣ 
मय के साथ अक्सर हमारी पसंद बदल जाया करती है ∣  
फिर वहीं चीजें हमें बेमतलब सी लगने लगती है ∣ जो एक वक्त तक हमारे दिल के काफी करीब थी। 
एक समय होता है जब किसी चीज को पाने की चाहत में हम घंटो वक्त बर्बाद कर देते हैं ∣ जबकि एक समय के बाद हमें उस चीज के होने न होने से जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। उसके प्रति हमारा आकर्षण खत्म सा हो जाता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..