अनुभव



जीवन में अक्सर परिस्थितियों के मुताबिक इंसान अनुभवों को लेता है ∣ जहां एक अनुभव उसे ताउम्र के जख्म दे जाता है ∣ वही ं दूसरा अनुभव उसे जीवन जीने की वजह दे जाता है ∣
ये अनुभव अपनी प्रकृति के मुताबिक बदलता रहता है ∣ अच्छे अनुभव को हर कोई सजोएं रखने की कोशिश करता है ∣ जबकि बुरे अनुभव को वो चाहकर भी भूल नहीं पाता है ∣
चाहे उसने जीवन में कितने भी दुख का समान क्यों न किया हो। 
किन्तु हर बार उसकी तरफ आता एक डरावना अनुभव उसे पहले से ज्यादा डरा दे जाता है ∣
 जो साध्य और असाध्य का रूप धारण कर उसे डरा जाता है ∣
साध्य जिसे प्रयत्नों के द्वारा दूर किया जा सकता है ∣ असाध्य जिसे प्रयत्नों के द्वारा दूर नहीं किया जा सकता है ∣
इंसान चाहे इस दुनिया में सबकुछ भूल जाएं, किन्तु वो अपने उस अनुभव को नहीं भूल पाता है । जिसने उसे सफलता को पाने के लिए मजबूर किया । 
अपनी हार से लिया गया हर एक अनुभव उसे सफलता पाने का एक गुण दे जाता है ∣
 यहीं वो चीज है जो उसे बेहतर करने की प्रेरणा दे जाता है ∣ अपनी असफलता से सीख व़ो सफलता पाने को आतुर हो जाता है ∣

यहीं तो वो चीज है जो उसे दुनिया का रंग दिखाती है ∣ 
जहां हर कोई अपने काम से मतलब रखता है ∣  ये अनुभव ही है ∣ जो उसे अच्छे बुरे दिनों के फर्क को सीखता है ∣

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