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दुर्गा चालीसा में छिपी हुई है



नवरात्रि का त्यौहार आते से  मन में एक अजीब किस्म के सुकून सा अनुभव होता है ∣ हो भी क्यों न,ये पल ही तो होता है जब इंसान अपना सबकुछ ईश्वर के सामने भूलकर चिंतामुक्त हो जाता है ∣ ये सब भूल कर वो ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है ∣ ऐसा बहुत बार होता है जब उसके जीवन की परिस्थितियां उसके अनुकूल नहीं चल रही होती है ऐसे समय उसे मातारानी की भक्ति सबसे लड़ने की ताकत और जीवन में आगे चलते जाने की प्रेरणा देती है∣

इस शक्ति का अहसास हमें तब होता है जब हम " दुर्गा चालीस " को सुनते हैं उस पाठ करते हैं ∣ इसके हर शब्द में एक तरह का शांति का भाव छिपा हुआ होता है ∣
देवी की दुर्गा चालीस में एक अलग किस्म का जादू है जो हमारे दिमाग को भीतर से ऊर्जावान बनाता है ∣ जब सारी दुनिया हमें परेशानी के बीच छोड़ा हुआ महसूस करती है ऐसे समय में देवी कि " दुर्गा चालीसा " हमें एक अलग शांति का भाव  देती है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..