दुर्गा चालीसा में छिपी हुई है



नवरात्रि का त्यौहार आते से  मन में एक अजीब किस्म के सुकून सा अनुभव होता है ∣ हो भी क्यों न,ये पल ही तो होता है जब इंसान अपना सबकुछ ईश्वर के सामने भूलकर चिंतामुक्त हो जाता है ∣ ये सब भूल कर वो ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है ∣ ऐसा बहुत बार होता है जब उसके जीवन की परिस्थितियां उसके अनुकूल नहीं चल रही होती है ऐसे समय उसे मातारानी की भक्ति सबसे लड़ने की ताकत और जीवन में आगे चलते जाने की प्रेरणा देती है∣

इस शक्ति का अहसास हमें तब होता है जब हम " दुर्गा चालीस " को सुनते हैं उस पाठ करते हैं ∣ इसके हर शब्द में एक तरह का शांति का भाव छिपा हुआ होता है ∣
देवी की दुर्गा चालीस में एक अलग किस्म का जादू है जो हमारे दिमाग को भीतर से ऊर्जावान बनाता है ∣ जब सारी दुनिया हमें परेशानी के बीच छोड़ा हुआ महसूस करती है ऐसे समय में देवी कि " दुर्गा चालीसा " हमें एक अलग शांति का भाव  देती है ∣

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