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जानें, इस भारतीय फिल्म को मिला ऑस्कर अवार्ड


दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ऑस्कर इस बार काफी ज्यादा सुर्खियों में रहा है। वैसे तो हर साल भारत की कोई न कोई फिल्म ऑस्कर के लिए नामांकित होती है । किन्तु जब भारत ऑस्कर अपने नाम करता है तब ये भारत के स्वर्णिम इतिहास में लिखा जाने वाला पल होता है। बता दें कि इस बार भारत ने दो ऑस्कर अवार्ड अपने नाम किया है। इस कड़ी में जहां एक ओर एसएस राजमौली की फिल्म RRR के सुपरहिट गाने नाटू- नाटू को बेस्ट ओऱिजनल गाने के लिए ऑस्कर अवार्ड मिला है। 
तो वहीं फिल्म The Elephant Whisperer को Best Documentary Short के लिए ऑस्कर अवार्ड मिला है। इस फिल्म के  डायरेक्टर कार्तिकी गोजाल्विस है ∣

 पर क्या आप जानते है कि इस तरह के अवार्ड को पाने के लिए कितनी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है मूवी के डायरेक्शन , स्क्रिप्ट, डिजाइनिंग, कैमरा , कलाकार  के साथ एडिटिंग पर ध्यान देना होता है जब जाकर एक अच्छी फिल्म बनायी जाती है। समांनातार फिल्म के जनक सत्यजीत राय के फिल्म बनाने के तरीके पर लिखी गयी । एक किताब में इसका काफी बारीकी से वर्णन मिलता है। 
 आइए आज हम समझते है...सत्यजीत राय के मुताबिक, एक अच्छी फिल्म कैसे बनायी जाती है
1. विषय का चयन 
राय का मनाना है कि जब भी हम किसी विषय का चयन  करते है। तब उसके लिए हमें उस विषय के बारे में गहराई से सोचना होता है। ऐसा करते वक्त हमारे मन में ज्यादा सृजनात्मकता भरी फिल्म बनाना नहीं बल्कि उस विषय के साथ न्याय करना होता है।
उदाहरण के लिए - जब राय अपू संसार और पाथेर पांचाली पर काम कर रहे थे । तब वो अपने मन इस चीज को लेकर भी काम कर रहे थे । कि मूवी को कैसे प्रस्तुत किया जाएं।

2. स्क्रिप्टिंग
राय के मुताबिक, स्क्रिप्ट स्पष्ट होनी चाहिए। जो हम सोच रहे है उसका वास्तविकता सम्बन्ध होना चाहिए। हमें लिखते वक्त ये विचार नहीं लाना चाहिए। कि हम बहुत ज्यादा सृजनात्मकता के साथ कोई कहानी लिखेगें।

3.डायरेक्शन
किसी फिल्म की सफलता इस बात पर निर्भर करती है। कि उसका डायरेक्शन कैसे किया गया है। कहानी के अनुरूप दृश्य को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया जाना  चाहिए। 
4. डिजाइनिंग 
राय के अनुसार, डिजाइनिंग का फिल्म में बहुत ज्यादा महत्व होता है। इसमें कलाकारों की वेशभूषा से लेकर उनका मेकअप, सेट और आस पास की चीजों पर रिसर्च करना होता है।
5. कैमरा
फिल्म एक ऑडियो-विजुअल माध्यम है इसलिए ये बहुत ज्यादा जरूरी होता है। कि कैमरा एंगल , कैमरा फार्म, कैमरा शॉर्ट, के साथ कैमरा मूवेंट पर खास ध्यान दिया जाएं । 
6. कलाकार
 इसके बिना फिल्म अधूरी है । राय जब कोई मूवी बनाते थे । तब वो उसके अनुसार कलाकार का स्केच भी तैयार कर लेते थे ।  कलाकार के लिए राय मानना था कि कहानी की जरूरत के अनुरूप  कलाकार का चयन होना चाहिए । जितना ज्यादा फिल्म के विषय से जुड़ा हुआ दिखाई देगा। लोग उससे उतना जुड़ाव महसूस करेंगे। अगर हम राय की मूवी पर गौर करें, तो उनकी सबसे मशहूर मूवी 'पाथेर पांचाली' में अपू के अलावा ज्यादातर कलाकार गांव के ही थे। 
7. एडिटिंग  

एडिटिंग का उद्देश्य उन चीजों को हटाना होता है। जो कि फिल्म के अनुरूप न हो। ऐसा करते समय ये रखना होता है कि उसकी कहानी में किसी तरह का कोई असर न हो। 

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