वो आज की नारी है


नारी तेरी महिमा न्यारी है
जो हर किसी पर भारी है
जो साहस और अटूट विश्वास का परिचय देती है 
जो समय से भी आगे निकल जाने वाली है ∣
उसके लिए असम्भव कुछ भी नहीं है
जो कभी दुर्गा तो, कभी काली है।
अपार क्षमता से है भरी हुई 
वो आज की नारी है।
उसके लिए चाहे कितनी बेड़ियां बनी हो,
पर उसके बावजूद वो लगातार आगे चलने वाली नारी है।
राहें चाहे कितनी भी मुश्किल बना दो उसकी पर वो 
हर मुश्किलों के बीच खुद की पहचान बनाने वाली नारी है ∣
कभी आसमां को छूते तो
कभी शस्त्र उठाकर लड़ने वाली नारी है ∣
आसान नहीं है उसकी राहें पर हर मुश्किल राहों के बीच वो आगे निकल जाने वाली है ∣
हजारों बेड़ियों में उसे बांधने की कोशिश करने वाले
मत समझों उसे कमजोर
वो अपना खुद रास्ता बना लेगी  



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