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बजट के आने की दस्तक

किसी भी काम को सफलतापूर्वक करना हो उसके लिए सबसे पहले व्यक्ति अपना बजट देखता है ∣ कि उसके पास आखिर पैसा कितना है उसके मुताबिक वो काम करता है ∣
एक गृहणी जहां किसी चीज को खरीदने के लिए अपना एक पैसा जोड़ अपना बजट बना रही हो होती है ∣ वहीं आज युवाओं में बड़ी खरीदरी की बात हो या छोटी यात्रा की वो इसके लिए बजट बना रहे होते हैं ताकि उनका काम अच्छे से हो जाएं ∣
बड़े से लेकर छोटे तक सभी अपना बजट व्यवस्थित करने की कोशिश करते हैं ∣ इसके की आगे चलकर उन्हें कोई परेशानी न आएं ∣
कल भारत का भी बजट पेश हो रहा है ∣ इसमें युवा , कामगार, महिलाओं, बच्चों और किसानों के लिए क्या आ रहा है ये देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा ∣ इसके अलावा ये वर्तमान केन्द्र सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है ∣ इसके बाद अगले साल लोकसभा के चुनाव है ∣ ऐसे में सरकार का बजट लोगों के लिए अपने साथ क ई उम्मीद लेकर आ रहा है ∣ वो आम लोग की पैकेट के पैसे की बचत करता है ∣ यहां उनकी जेब खाली करता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..