26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस जानें



णतंत्र एक ऐसा तंत्र जहां पर जनता के लिए जनता के द्वारा बनाया गया शासन होता है ∣ इसमें जनता ही सर्वोपरि होती है ∣ इसके तहत जो भी कानून बनाया जाता है ∣ वो पंक्ति में बैठे आखिरी व्यक्ति को ध्यान में  रखकर बनाया जाता है ∣

भारत जो अपनी विविधता और संस्कृति के लिए जाना जाता है ∣ उसका संविधान भी विश्व का सबसे बड़ा लिखित एवंं विस्तृत संविधान की सूची में शुमार है ∣ 
आज हम गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान के बारे में जानेंगे वो  सब जो आपको जानना है जरूरी.. 
जैसा की हम सब जानते हैं इस बार भारत अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है ∣ आइए इस अवसर पर जानते हैं भारतीय संविधान के बारे में वो चीज जो आपको जानना है जरूरी 

 
1. भारत में पहली बार किसने रखा था संविधान के गठन का विचार?

भारत में संविधान के गठन को लेकर सबसे पहले विचार एम. एन राय ने रखा था ∣ जो कि एक प्रखर नेता थे ∣ एम. एन राय ने 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सामने के मांग ये रखी थी कि भारत का एक आधिकारिक रूप से संविधान हो ∣

2. आखिर 26 जनवरी को ही क्यों  गणतंत्र दिवस  मनाया जाता है? 
 बता दें कि 26 जनवरी को
 गणतंत्र दिवस को मनाने का कारण यहां है कि इसी दिन 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी ∣ इस कारणवश 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पूर्ण अस्तित्व में आया था जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में जानते हैं ∣

3. संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा क्यों कहा जाता है? 
  भारतीय संविधान में प्रस्तावना उसका मुख्य अंग है ∣ जो भी विचार भारत के संविधान में मुख्य रूप से मौजूद है ∣ वो सब भारत के संविधान की प्रस्तावना में सक्षिप्त रूप से है ∣ इस के चलते इसे भारतीय संविधान की आत्मा भी कहा गया है ∣

4. भारतीय संविधान को जीवंत संविधान की संज्ञा क्यों दी जाती है?
 
भारत के संविधान में अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन की सुविधा दी गई है ∣

5. सभी देश के संविधान का एक  निचोड़ है भारतीय संविधान? 

भारत के संविधान ने हर देश के संविधान से कुछ न कुछ चीजे उधार ली है ∣ जो कि एक कल्याणकारी देश के लिए बेहद जरूरी है इसलिए ये कहा जा सकता है कि भारत का संविधान विश्व के संविधान का एक निचोड़ है ∣

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