Skip to main content

सावित्रीबाई फुले



शिक्षा का अर्थ अभिव्यक्ति से होता है ∣ जो इंसान को खुद को अभिव्यक्त करने में मदद करती है ∣
 इसी को ध्यान रखते हुए भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले ने बालिका शिक्षा पर जोर दिया ∣
इसके चलते उन्हें ने अनेक कष्ट का सामना भी किया किन्तु अपना कर्तव्य उन्हें किसी हाल में नहीं छोड़ा ∣ इस कारण भारतीय महिला शिक्षा ग्रहण कर पायी ∣
जो उनके लिए बिल्कुल आसान काम नहीं था∣ इसमें उनका सहयोग उनके पति ज्योतिबा फुले ने दिया ∣ 


आज भले ही शिक्षा का अधिकार हमें बहुत सामान्य सा लग रहा हो किन्तु एक समय पहले यहीं अधिकार पाना लड़कियों का एक सपना मात्र होता था ∣ जो केवल अपने लिंग के चलते शिक्षा नहीं ले पाती थी ∣ 
हालांकि ये बात गौर करने वाली है कि प्राचीन समय में न केवल महिला शिक्षा ग्रहण करती थी बल्कि शस्त्र जैसी विद्या में भी निपुण थी पर जैसे जैसे- देश में आक्रमणकारियों का प्रवेश भारत में हुआ महिलाओं को कुरीतियों को बेड़ियों में बांध दिया गया ∣ 

 इसके चलते आज के समय में सावित्रीबाई फुले को याद करना और भी जरूरी है जिन्होंने बालिका के लिए शिक्षा के महत्व को समझा और जो समाज की कुरातियों का गुणगान करने वाले ठेकेदारो से लड़ाई की ∣
 कितनी अजीब बात है न आज भी सब महान पुरुष को अच्छा मनाते है पर हमने घर में कोई क्रांतिकारी बने इससे सब डरते हैं ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..