Skip to main content

कोरोना वायरस का कहर

कोरोना वायरस का कहर क्या फिर छाने वाला है दुनिया में

करीब तीन साल के बाद कोरोना का बदलता हुआ स्वरूप एक बार फिर दुनिया को डराने सा लगा है ∣ इस वायरस का सामना कर रहे चीन का अभी बुरा हाल है जहां पर लोग कोरोना वायरस से बुरी तरह से पीड़ित है∣
वहीं दूसरी ओर अब कोरोना का नया वैरिएंट BF. 7 के मामले अन्य देशों में भी पाए जाने लगे हैं ∣ 
ऐसे में सवाल उठता है क्या दुनिया इस वायरस से निपटने के लिए तैयार है ? 

जहां एक ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते दुनिया की आर्थिक स्थिति चरमारा सी गयी है∣ वहीं चीन में बढ़ते कोरोना के मामले अब दुनिया को डराने से लगे हैं ∣
भारत में अब तक इस न ए वैरिएंट के कुछ चार मामले पाए गए हैं ∣ वहीं दूसरी ओर जापान में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं ∣


आपको को बता दें कि वैरिएंट BF. 7  ओमिक्राॅन वेरिएंट के BA. 5 का नया स्वरूप है ∣ जो कि बहुत तेजी से फैलता है ∣ एक संक्रमित व्यक्ति करीब 10 से 18 लोगों को इससे संक्रमित रखने की क्षमता रखता है ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..