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Girls Hostel 2.0 Web Series

 Girls Hostel 2.0 Web Series 
एक नए अंदाज में कहानी कहती है ∣ जहां पर लड़कियों को चुप्पी साधे अन्याय को सहते हुए नहीं बल्कि मजबूती से उसके विरोध में अपनी आवाज उठाते दिखाई देती है ∣ जो कि हाॅस्टल के नियम से परे है ∣
इसके अलावा वो समाज के भेदभाव पूर्ण नीति को लेकर भी कहीं कहीं प्रश्न पूछते हुए नजर आती है ∣

जैसे लड़कियों को घर की तरह हॉस्टल में भी रात 8:30 बजे के पहले वापस आना ह़ोगा ∣ जो कि बरसों से समाज में चली आ रही मानसिकता है ∣ जबकि लड़को के हॉस्टल में ऐसे कोई भी नियम नहीं है ∣ 
इन सब तरह की परेशानी पर TVF Creation के द्वारा लायी गयी है ∣ Girls Hostel 2.0 Web Series जो क्रांतिकारी अंदाज में अपनी बात रखती है ∣ एक नया जोश सा भर देती है ∣




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..