साहित्य समाज का दर्पण होता है ∣ प्रेमचंद ने इसी दर्पण का उपयोग कर कई कालजयी उपन्यास और कहानी की रचना की ∣ प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के वो लेखक हैं जिनके लेखन की सरलता हर किसी का मन मोह लेती है ∣ इनका हिन्दी साहित्य में विशेष स्थान है ∣ जो अपनी भाषा सरलता और सहजता के लिए जाने जाते हैं ∣
आज हम प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर जानेंगे...उनकी कुछ कहानी के सारांश जो आपको जीवन के प्रति एक नया नजरिया देता है ∣
कहानी
1. बड़े घर की बेटी
बड़े घर की बेटी प्रेमचंद की एक बहुचर्चित कहानी है ∣ इस कहानी की मुख्य पात्र आनंदी है जिसका विवाह एक गरीब परिवार में कर दिया जाता है ∣ जहां पर वो ऐसे रहती है ∣ जैसे उसने विलासिता की कोई चीज देखी ही नही है ∣ कहानी के अंत में हम पाते है आनंदी केवल नाम से नहीं अपितु अपने आचरण से भी अमीर है ∣
2.सवा सेर गेहूं
इस कहानी में एक शोषित किसान की है जिसे सवा सेर गेहूं के कर्ज के बदले अपना पूरा जीवन महाजन के नाम करना पड़ता है ∣ जब वो मर जाता है ∣ तब उसके पत्नी और बेटे को उस महाजन के घर पर बंधुआ मजदूरी करनी पड़ती है ∣
3.कफ़न
प्रेमचंद की इस कहानी में उन्होंने ने समाज की उस बुराई को सामने लाने की कोशिश की है ∣
जहां पर नशेड़ी पति अपनी पत्नी के कफ़न के पैसे से अपने पिता के साथ मिलकर शराब पीता है ∣ भर पेट स्वादिष्ट व्यंजन का सेवन करता है ∣ इस चीज को जानते हुए की उसकी पत्नी की लाश उसके घर पर कफ़न का इंतजार कर रही है ∣
4. ईदगाह
प्रेमचंद ने ईदगाह में हमीद नाम के लड़के की कहानी को बताया है ∣ जो कि अपनी दादी के लिए मेले से चिमटा लाता है ∣ जहां पर उसे अनेक तरह के व्यंजन, सुंदर खिलौने मिलते हैं किन्तु वो उनमें से कुछ भी न खरीद के
केवल चिमटा खरीद कर लाता है ∣ केवल इसलिए की उसकी दादी के हाथ रोटी बनाते हुए न जले ∣




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