अक्सर वो समय हमारे लिए परेशानी खड़ा कर देता है जब हम बीमार पड़ते हैं ∣ इसके चलते हम अपनी उस नियमित दिनचर्या से दूर हो जाते हैं ∣ जो हम पूरे दिन करते हैं ∣
साल छ: महीने में बीमार पड़ना समझ में भी आता है किन्तु हर तीसरे दिन बीमार होना बताता है हम खुद के प्रति कितने लापरवाह है ∣ हमारा शरीर अब कितना कमजोर हो रहा है ∣
हम अब कुछ नया नहीं कर पा रहे हैं ∣ हम जल्दी जल्दी थक रहे हैं ∣ इन सब परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि हम बीमार ही न पड़ (न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी) ∣
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