आकर्षण

 हम सब कहीं न कहीं आकर्षण के जादू से ऐसे बंधे हुए है जिससे पीछा छुड़ाना लगभग नामुमकिन सा है ∣ किसी की खूबसूरती को देख जहां हम उसके दीवाने हो जाते हैं ∣ वहीं किसी की आवाज की मधुरता के चलते ताउम्र उससे इश्क़ लड़ा बैठते हैं ∣

यहीं तो है आकर्षण जिसके चलते हम सब कुछ भूल उसके पीछे चलते जाते हैं ∣ न होती दुनिया दारी की फिक्र न किसी का ख्याल हम रख पाते हैं ∣ केवल उसे पाने की चाहत के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाते हैं ∣ 








Comments