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जीवन जीने के लिए


शिक्षा का उद्देश्य आज के समय में बदल गया है बढ़ती मंहगाई के दौर में सबसे ज्यादा परिवर्तन आया है   हम सब की उस मानसिकता में जहां शिक्षा का मूल्य उद्देश्य केवल और केवल धन आर्जन रह गया है  
आज हर हाथ में जितनी डिग्री हैं उसकी अपेक्षा रोजगार की अत्यंत कमी हो है । इस के चलते आज शिक्षा में कुछ ऐसे बदलाव किए जाने की जरूरत है जिससे वो इतना कौशल ग्रहण कर ले कि वो खुद अपने लिए रोजगार ढूंढ ले ।
आने वाले समय में जीवन की मूलभूत आवश्यक्ताओं की पूर्ति करने में और अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है इसलिए बेहतर होगा कि हम अपने आप को बेहतर बनाएं । इससे हम लंबे समय तक अपने काम में टिके रह पाएगें ।



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..