आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पड़ित नेहरू का जन्म आज ही के दिन 14 नवंबर 1889 में हुआ था ∣ वो बच्चों से बेहद प्रेम करते थे ∣ उनको देश का भविष्य मनाते थे ∣वो जहां भी जाते थे वहां बच्चे से मिलना नहीं भूलते थे ∣ उनका मानना था कि बच्चे इस दुनिया का वो अनमोल तोहफा है उन्हें बड़े प्रेम से रखा जाना चाहिए ∣ इसके कारण उन्हें 'चाचा नेहरू' भी कहा जाता था ∣
नेहरू अपनी आत्मकथा The discovery of My India में कहते हैं कि भारत में अलग- अलग जाति समुदाय और धर्म के लोग रहते हैं ∣ जो अपनी भाषा और आचार विचार का पालन करते हैं किन्तु जब वो दूसरे देश में जाते हैं ∣ तब वो हिन्दुस्तानी कहलाते हैं ∣ यहीं तो भारत है ∣ जो कि एक खूबसूरत माले में खुद को पिरोए हुए हैं ∣
नेहरू भारत को एक विश्व शक्ति के रूप में देखते थे जिसकी झलक हमें उनके समय की विदेश नीति में दिखाई देती है ∣
इसके अलावा नेहरू
जीवन को भी बड़े नजदीक देखते हैं ∣ स्वतंत्रता आंदोलन के चलते जब वहां जेल में थे ∣ उस समय वो अपनी बेटी इन्दिरा गांधी को पत्र लिखते थे ∣ इसमें उन्होंने इन्दिरा को परीक्षा को लेकर कहां था कि जरूर नहीं कि हमेशा जो प्रथम आए वहीं अपनी जीवन में हमेशा हर चीज को जीत ले ∣ जीवन की परीक्षा स्कूल की परीक्षा से बहुत अलग होती है ∣ अक्सर वहां पर वो लोग पास हो जाते हैं ∣ जो अपने स्कूल में कभी ज्यादा अच्छे अंक नहीं लाएं ∣ इसलिए तुम ज्यादा
अंकों के लिए नहीं अपितु खुद को बेहतर करने के लिए अध्ययन करों ∣
आज के समय में हम जब नेहरू के जीवन को देखते हैं ∣ तो पाते हैं कि नेहरू हमेशा हर चीज को लेकर बहुत व्यावहारिक होकर सोचते थे ∣ वो वहां पर व्यक्तिगत न होकर केवल उसकी वस्तुनिष्ठाता को देखकर फैसले लेते थे ∣ जो भारत को एक महाशक्ति के रूप में देखना चाहते थे ∣


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