आईना




हम सब दिन में कई बार आईना देखते हैं पर आज हमें जिस आईने को देखने की सख्त जरूरत है  ∣ वो बाहरी दुनिया  है जिससे हम छोटी से लेकर बड़ी- बड़ी चीजों का अर्थ सीखते हैं ∣ घर में मिलने वाले उस सुकून को अक्सर जब हम नजरअंदाज कर देते हैं ∣ 

इसकी अहमियत अक्सर हम तब सीखते हैं ∣ जब हम किसी मुसाफिर से मिलते है तब मालूम चलता है हमें घर से अलग होती है बाहर की दुनिया ,जहां पर हमारी मुलाकात नए अनुभव से होती है ∣


जब मालूम चलता है हमें दिक्कते परेशानी किस के जीवन में नहीं होती , पर चलते जाने का नाम ही तो जिंदगी होता है ∣

यहीं तो है जिंदगी का एक ऐसा आईना जहां पर हम अपने और गैरो मे फर्क सीखते हैं ∣ मिठास और कड़वाहट के स्वाद को सही अर्थ में समझते हैं  ∣ दुनिया से अक्सर समझते हैं कि  काबिल हो अगर तो आगे जाओगे, वरना कुछ लोग तो सिर्फ तमाशे देखते हैं ∣

आईना अक्सर हम से वो सब कह देता है जो अक्सर हम  नजरअंदाज़ कर देते हैं ∣ दुनिया में अगर जीना है शौक से, तो मेहनत भी उतनी करो, शिकायत कम काम ज्यादा करो ∣
हिफाजत अपनी करो, अपने सपनों को पाने के लिए कोशिश हर पल करो, उस आईंने में खुद को बनाए रखो जिसमें तुम हमेशा खुद को कल से बेहतर रखने की हद पार करो  ∣


 




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