तु ही दुर्गा
तु ही शक्तिजब भटकते हममुश्किलों से घबरा करतेरी शरण में आकरहमारी दुख तकलीफे होती है कम ,तु हमेंसाहस देप्रतीक देदुनिया के लिए नहींखुद को बेहतर करने की अपनी एक वजह दे,आसमां नहींपर धरती पर ही चलने कीताकत देतु ही दुर्गा
तु ही शक्तिऐसा कुछ वर दे∣
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