"कला एक ऐसी साधना जो की पायी जाती है कठिन तपस्या से "
हम सब में कोई न कोई कला जरूरत होती है ∣ जो उससे बेहतर कोई भी नहीं जान पाता है ∣ जो काम दूसरे के लिए कठिन होता है वही काम उसके लिए सरल होता है ∣ क ई बार हमें लगता है कि उसमें क्या खास हम भी इसे कर सकते हैं किन्तु जब हम उस काम को करने बैठते हैं ∣ तब मालूम चलता है कि वो काम सच में कितना मुश्किल है ∣
बात चाहे अच्छा बोलने की हो या अच्छा लेखन करने की सब को करने के पीछे एक कला ही तो होती है ∣ जो उसे बेहतर लिखने और बोलने को मजबूर करती है ∣
निर्मला वर्मा अपने निबंध " साहित्य और क्या करती है उसकी कला" में कहते हैं कि उसमें होते तो काले काले शब्द ही है किन्तु जब हम उसे पढ़ने बैठते हैं तब हम एक अलग ही दुनिया में प्रवेश कर जाते हैं ∣ एक समय के लिए हम अपने सभी दुख सुख भूल उसकी दुनिया में खो सा जाते हैं ∣

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