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क्या करता है साहित्य और उसकी कलाएं




"कला एक ऐसी साधना जो की पायी जाती है कठिन तपस्या से "


हम सब में कोई न कोई कला जरूरत होती है ∣ जो उससे बेहतर कोई भी नहीं जान पाता है ∣ जो काम दूसरे के लिए कठिन होता है वही काम उसके लिए सरल होता है ∣ क ई बार हमें लगता है कि उसमें क्या खास हम भी इसे कर सकते हैं किन्तु जब हम उस काम को करने बैठते हैं ∣ तब मालूम चलता है कि वो काम सच में कितना मुश्किल है ∣ 

बात चाहे अच्छा बोलने की हो या अच्छा लेखन करने की सब को करने के पीछे एक कला ही तो होती है ∣ जो उसे बेहतर लिखने और बोलने को मजबूर करती है ∣

निर्मला वर्मा अपने निबंध " साहित्य और क्या करती है उसकी कला" में कहते हैं कि उसमें होते तो काले काले शब्द ही है किन्तु जब हम उसे पढ़ने बैठते हैं तब हम एक अलग ही दुनिया में प्रवेश कर जाते हैं ∣ एक समय के लिए हम अपने सभी दुख सुख भूल उसकी दुनिया में खो सा जाते हैं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..