अहमियत

अक्सर जो चीज हमारी आंखों के सामने होती है ∣ उसकी कीमत हमें कम ही मालूम चलती है ∣ हमें उसमें किसी तरह कोई आनंद नही आता है ∣ किन्तु जैसे ही वो हम से दूर जाती है ∣ उसकी कमी हमें महसूस होने लगती है ∣ वो भले कोई इंसान हो या कोई उपयोगी वस्तु समय आने पर सबकी अहमियत पता लगती है ∣ फर्क महज इतना होता है कि उस वक्त वो हमारे पास नहीं होता है ∣

 



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