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अनिश्चित और भटकाव के बीच युवा

आज एक तरफ युवाओं के हाथ में मोबाईल के रूप में पूरी दुनिया मौजूद है ∣ वहीं दूसरी ओर युवा अपने कल  की चिंता में आज को खराब कर रहे हैं ∣ जबकि ये समय उनको अपनी नींव मजबूत करने का है ∣ इससे वो किसी भी क्षेत्र में जाएं अपने काम से जाने जाएं ∣
आज भले ही इंटरनेट हमारे लिए सभी तरह की जानकारी उपलब्ध कर रहा हो किन्तु आज भी युवाओं में बहुत ज्ञान की कमी देखी जा रही है ∣ इस समय से निपटने के लिए आज शहर से लेकर गाँव तक में  उचित कदम उठाने की जरूरत है ∣ इसके लिए सबसे कारगर उपाय काउन्सिलिंग सेंटर खोलने की पहल करना है ∣ जहां पर युवा अपने रोजगार से लेकर पढ़ाई सम्बंधित प्रश्न पूछ अपनी जिज्ञासा खत्म कर सके∣ 
इसके अलावा आज युवाओं को अपने से संवाद कर अपनी ताकत और कमजोरी को समझ कर कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है ∣ 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..